पंडित ललित मोहन शर्मा परिसर ऋषिकेश में भूजल संरक्षण की दिशा में वैज्ञानिक पहल, पीजोमीटर स्थापना कार्य शुरू

ऋषिकेश। पंडित ललित मोहन शर्मा परिसर, ऋषिकेश में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) के तत्वावधान में राष्ट्रीय भूजल मापन केंद्र (NAQUIM परियोजना) के अंतर्गत भूजल स्तर की वैज्ञानिक निगरानी एवं संरक्षण के उद्देश्य से पीजोमीटर (Piezometer) स्थापित करने का कार्य प्रारंभ किया गया। यह कार्य केंद्रीय भूजल बोर्ड, उत्तराखंड क्षेत्र, देहरादून द्वारा श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के सहयोग से संपादित किया जा रहा है।

भूजल स्तर और गुणवत्ता का होगा वैज्ञानिक अध्ययन

परिसर निदेशक प्रो. एम. एस. रावत ने बताया कि पीजोमीटर की स्थापना से क्षेत्र के भूजल स्तर, जल गुणवत्ता तथा भूजल में होने वाले मौसमी परिवर्तनों का वैज्ञानिक अध्ययन किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में इस प्रकार की परियोजनाएं विद्यार्थियों को सतत विकास, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का अवसर प्रदान करती हैं।

भविष्य की जल सुरक्षा योजनाओं में मिलेगी सहायता

राष्ट्रीय भूजल मापन केंद्र, उत्तराखंड के निदेशक डॉ. प्रशांत राय ने कहा कि पीजोमीटर से जल संरक्षण, भूजल प्रबंधन एवं भविष्य की जल सुरक्षा संबंधी योजनाओं को प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी। उन्होंने इस परियोजना को जल संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए इसके सफल क्रियान्वयन की शुभकामनाएं दीं।

शोध और जल संसाधन प्रबंधन के लिए उपयोगी होंगे आंकड़े

IQAC निदेशक प्रो. गुलशन कुमार ढींगरा ने कहा कि यह पीजोमीटर भूजल स्तर की नियमित एवं वैज्ञानिक निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे प्राप्त आंकड़े शोध, जल संसाधन प्रबंधन तथा भूजल संरक्षण की योजनाओं के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगे।

भूजल संरक्षण सामाजिक उत्तरदायित्व भी

कला संकायाध्यक्ष प्रो. प्रशांत सिंह ने कहा कि भूजल संरक्षण केवल वैज्ञानिक विषय नहीं, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व भी है। उप-परीक्षा नियंत्रक डॉ. हेमंत बिष्ट ने कहा कि जल संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है और विश्वविद्यालय परिसर में पीजोमीटर की स्थापना विद्यार्थियों तथा शोधार्थियों के लिए व्यवहारिक अध्ययन एवं अनुसंधान का उत्कृष्ट माध्यम बनेगी।

कुलसचिव ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता दोहराई

इस अवसर पर श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के कुलसचिव दिनेश चंद्र ने कहा कि विश्वविद्यालय पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन एवं वैज्ञानिक अनुसंधान से जुड़े ऐसे महत्वपूर्ण कार्यों में सदैव सहयोग करता रहेगा।

तकनीकी टीम ने प्रारंभ कराया स्थापना कार्य

कार्यक्रम में केंद्रीय भूजल बोर्ड के वैज्ञानिक-सी डॉ. परवेज अहमद, वैज्ञानिक-बी डॉ. ऋषिता जैन तथा तकनीकी टीम ने सहभागिता करते हुए पीजोमीटर की विशेषताओं की जानकारी दी और स्थापना की तकनीकी प्रक्रिया का अवलोकन करते हुए कार्य प्रारंभ कराया।

कार्यक्रम का समापन “जल है तो कल है” के संदेश के साथ हुआ। सभी उपस्थित जनों ने भूजल संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर प्रो. वी. डी. पाण्डेय, डॉ. गौरव वार्ष्णेय, सहायक कुलसचिव रणविजय सिंह सहित अन्य संकाय सदस्य उपस्थित रहे।

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