एडीएम न्यायालय का खाद्य पदार्थ और नियमों के उल्लंघन पर सख्त फैसला, हरिद्वार में 10 कारोबारियों पर ₹2.65 लाख का जुर्माना

हरिद्वार : खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से खाद्य मानकों के उल्लंघन के मामलों में की गई कार्रवाई पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वैभव गुप्ता के न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। विभाग द्वारा दायर 10 वादों का निस्तारण करते हुए संबंधित खाद्य कारोबारियों पर कुल ₹2 लाख 65 हजार का जुर्माना लगाया गया है। न्यायालय ने सभी कारोबारियों को सात दिन के भीतर जुर्माना जमा करने के निर्देश दिए हैं।

कांवड़ मेला निरीक्षण में मिली थीं गंभीर अनियमितताएं

खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन ने कांवड़ मेला-2025 के दौरान हरिद्वार-दिल्ली हाईवे स्थित पंजाबी तड़का रेस्टोरेंट का निरीक्षण किया था। निरीक्षण में फूड रजिस्ट्रेशन एवं अन्य आवश्यक प्रावधानों में अनियमितताएं मिलने पर न्यायालय ने संचालक पर ₹50 हजार का जुर्माना लगाया। इसी प्रकार बहादराबाद कांवड़ पटरी मार्ग स्थित मां शाकुम्भरी भोजनालय में बिना फूड लाइसेंस के संचालन, डस्टबिन का उपयोग न करने, कचरे का उचित निस्तारण न करने तथा उपभोक्ताओं को बिल जारी न करने के मामले में भी ₹50 हजार का जुर्माना अधिरोपित किया गया।

मिठाई, पनीर और मावा के नमूने जांच में पाए गए अधोमानक

रानीपुर झाल स्थित स्पेशल बर्फी वाला प्रतिष्ठान से लिए गए मावा बर्फी के नमूने में मैदा की मिलावट मिलने तथा बिना लाइसेंस मिठाई निर्माण करने पर संचालक पर ₹5 हजार का जुर्माना लगाया गया। शिवालिक नगर के एक होटल से लिए गए खुले पनीर के नमूने में फैट की मात्रा निर्धारित मानकों से कम मिलने और बिल पर लाइसेंस नंबर अंकित न होने पर ₹25 हजार का जुर्माना लगाया गया। खानपुर के तुगलकपुर स्थित नूर अहमद मावा भंडार से लिए गए पनीर के नमूने में भी फैट की मात्रा कम पाई गई, जिसके चलते संचालक पर ₹25 हजार का जुर्माना लगाया गया।

अव्यवस्थित मावा निर्माण और अधोमानक खाद्य पदार्थों पर कार्रवाई

भगवानपुर के झिड़ियान ग्रांट स्थित मावा निर्माण इकाई में जांच के दौरान मावा अधोमानक पाया गया। मौके पर लगभग एक क्विंटल मावा नष्ट कराया गया तथा स्किम्ड मिल्क पाउडर एवं वनस्पति के उपयोग से अव्यवस्थित परिस्थितियों में मावा तैयार किए जाने पर संचालक पर ₹25 हजार का जुर्माना लगाया गया। मां चंडी देवी मंदिर परिसर स्थित मां जय दुर्गा ढाबा में निरीक्षण के दौरान खाद्य पंजीकरण संबंधी अनियमितताएं और बेसन का नमूना अधोमानक मिलने पर संचालक पर ₹25 हजार का जुर्माना लगाया गया।

डेयरी और मिठाई प्रतिष्ठानों पर भी गिरी गाज

वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी योगेश पाण्डेय द्वारा मंगलौर स्थित बरकत डेयरी के निरीक्षण में पनीर निर्माण में वनस्पति युक्त खाद्य तेल के प्रयोग का मामला सामने आया। प्रयोगशाला जांच में नमूना अधोमानक पाए जाने पर ₹25 हजार का जुर्माना लगाया गया। रुड़की स्थित बालाजी स्वीट्स से लिए गए सफेद रसगुल्ले का नमूना भी अधोमानक पाया गया, जिसके चलते न्यायालय ने संचालक पर ₹10 हजार का जुर्माना लगाया। वहीं वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी केशव टंडन द्वारा ऋषिकुल विद्यापीठ स्थित सूर्या डेयरी से लिए गए पनीर के नमूने में फैट की मात्रा कम मिलने पर संचालक पर ₹25 हजार का जुर्माना अधिरोपित किया गया।

सात दिन में जमा करनी होगी जुर्माने की राशि

अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के न्यायालय ने सभी संबंधित खाद्य कारोबारियों को सात दिन के भीतर जुर्माने की राशि जमा करने के निर्देश दिए हैं। न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा में राशि जमा न करने पर जुर्माना भू-राजस्व की भांति वसूला जाएगा।

 

Portaladmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You May Like

Breaking News

Share
error: Content is protected !!