लैंसडाउन : भक्तदर्शन राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जयहरीखाल में सोमवार को हिंदी दिवस उत्साह और गरिमापूर्ण वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों के लिए भाषण एवं निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। निबंध प्रतियोगिता का विषय “हिंदी भाषा एवं बोलियाँ” रखा गया, जबकि भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने “हिंदी सिनेमा एवं साहित्य का अंतर्संबंध” विषय पर अपने विचार रखे।
प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने दिखाया हुनर
निबंध प्रतियोगिता में शिवानी ने प्रथम, सोनिया ने द्वितीय और प्राकृति ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं भाषण प्रतियोगिता में शिवानी प्रथम, सलोनी रावत द्वितीय और कल्पना तृतीय स्थान पर रहीं। भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने हिंदी सिनेमा और साहित्य के बीच संबंधों के साथ-साथ समाज और संस्कृति पर इनके प्रभाव के विभिन्न पहलुओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
हिंदी सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक एकता का आधार
कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर एल. आर. राजवंशी ने कहा कि हिंदी सिर्फ अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक एकता का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने कहा कि हिंदी की समृद्धि उसकी विविध बोलियों और लोकभाषाओं में भी निहित है। प्राचार्य ने विद्यार्थियों से हिंदी भाषा एवं साहित्य के अध्ययन के साथ दैनिक जीवन में भी हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग का आह्वान किया। उन्होंने प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी की सराहना की।
हिंदी के संरक्षण और संवर्धन के लिए किया प्रेरित
कार्यक्रम का संचालन हिंदी विभाग की प्राध्यापिका डॉ. सुमन कुकरेती ने किया। उन्होंने हिंदी भाषा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को हिंदी के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर डॉ. अजय रावत, डॉ. अर्चना नौटियाल, डॉ. मानसी वत्स, डॉ. नेहा शर्मा, डॉ. अभिषेक कुकरेती, डॉ. ऊषा सिंह और डॉ. वसीम अहमद सहित महाविद्यालय के प्राध्यापक मौजूद रहे। प्राध्यापकों ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए हिंदी भाषा और साहित्य के प्रति उनकी रुचि की सराहना की। कार्यक्रम में विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता रही। हिंदी दिवस समारोह का उद्देश्य विद्यार्थियों में हिंदी भाषा एवं साहित्य के प्रति जागरूकता, रुचि और सम्मान की भावना विकसित करना रहा। समारोह सफलतापूर्वक संपन्न हुआ

