ओडिशा में स्कूली किताबों की गंभीर गलतियों पर बड़ा एक्शन, 4 अधिकारी निलंबित; शिक्षा विभाग में व्यापक सुधार की तैयारी

भुवनेश्वर। ओडिशा की स्कूली पाठ्यपुस्तकों में सामने आई गंभीर त्रुटियों के मामले में राज्य सरकार ने सख्त कार्रवाई करते हुए चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के निर्देश पर गठित जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। साथ ही छह अन्य अधिकारियों के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।

तत्कालीन एससीईआरटी निदेशक समेत चार अधिकारी निलंबित

निलंबित अधिकारियों में राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) के तत्कालीन निदेशक मनोज पाढ़ी के अलावा सहायक निदेशक प्रलिप्ता मिश्रा, दिलीप कुमार साहू और भारती टुडू शामिल हैं। इसके अलावा बंदिता पटनायक, मानस रंजन राउत, मनोरंजन महापात्र, प्रशांत कुमार साहू, मानस कुमार नायक और सुदर्शन सामंतरा के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है।

जांच समिति ने सुझाए कई सुधारात्मक कदम

विकास आयुक्त की अध्यक्षता में गठित जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में पाठ्यपुस्तकों की गुणवत्ता सुधारने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार एससीईआरटी को सात दिनों के भीतर एक मास्टर त्रुटि रजिस्टर तैयार करने का निर्देश दिया गया है। जिन पुस्तकों में गंभीर त्रुटियां पाई गई हैं, उनमें संबंधित पृष्ठों को बदलकर या संशोधित पृष्ठ जोड़कर सुधार किया जाएगा। साथ ही सभी विद्यार्थियों को संशोधित अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।

संशोधित PDF होगी आधिकारिक संस्करण

सरकार ने स्पष्ट किया है कि पाठ्यपुस्तकों के संशोधित पीडीएफ संस्करण को आधिकारिक शिक्षण सामग्री के रूप में मान्यता दी जाएगी। स्कूलों और शिक्षकों को भी नई सामग्री के अनुसार शिक्षण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाएंगे।

शिक्षकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम

राज्य सरकार ने शिक्षकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया है, ताकि संशोधित पाठ्यक्रम और पुस्तकों से संबंधित जानकारी प्रभावी ढंग से विद्यार्थियों तक पहुंचाई जा सके। साथ ही त्रुटियों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।

SCERT में बनेगा क्वालिटी एश्योरेंस सेल

भविष्य में ऐसी गलतियों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए एससीईआरटी में एक विशेष क्वालिटी एश्योरेंस सेल स्थापित किया जाएगा। यह सेल पाठ्यपुस्तकों की गुणवत्ता, तथ्यात्मक शुद्धता और अकादमिक मानकों की नियमित निगरानी करेगा। इसके अलावा NCERT की तर्ज पर प्रत्येक विषय के लिए करिकुलर एरिया ग्रुप और पाठ्यपुस्तक विकास समिति का गठन किया जाएगा।

चार-स्तरीय प्रूफ जांच व्यवस्था होगी लागू

राज्य सरकार ने पाठ्यपुस्तकों के प्रकाशन से पहले चार-स्तरीय प्रूफ जांच प्रणाली लागू करने का फैसला किया है। नई व्यवस्था के तहत अंतिम अकादमिक स्वीकृति के बिना किसी भी पुस्तक को मुद्रण के लिए नहीं भेजा जाएगा।

DTP संस्था और प्रिंटर को नोटिस

सरकार ने लापरवाही के लिए जिम्मेदार डीटीपी संस्था और प्रिंटर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही दोषी पाए जाने पर जुर्माना लगाने और संबंधित एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट करने का भी प्रावधान किया गया है। राज्य सरकार का कहना है कि इन कदमों से शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी तथा विद्यार्थियों को त्रुटिरहित अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जा सकेगी।

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