बदरीनाथ धाम के पूर्व अपर धर्माधिकारी सत्य प्रसाद चमोला का निधन

​ज्योतिर्मठ/बदरीनाथ। बदरीनाथ धाम में भगवान बदरी विशाल की सेवा में अपना संपूर्ण जीवन समर्पित करने वाले पूर्व अपर धर्माधिकारी सत्य प्रसाद चमोला के आकस्मिक निधन से संपूर्ण तीर्थ पुरोहित समाज और धर्मनगरी ज्योतिर्मठ शोक संतप्त है। चमोला जी का जाना न केवल धार्मिक जगत के लिए एक विद्वान व्यक्तित्व की क्षति है बल्कि उनके सहयोगियों के लिए एक युग का अंत जैसा है।

बद्रीनाथ धाम के पूर्व धर्म अधिकारी भुवन चंद्र उनियाल ने बताया कि उनके साथ सत्य प्रसाद चमोला का विद्यार्थी जीवन से ही साथ रहा है उन्होंने बताया कि वर्ष 1983 से लेकर 2021 में सेवानिवृत्ति तक, लगभग 38 वर्षों तक उन्होंने बदरीनाथ मंदिर में वेद पाठी से लेकर अपर धर्माधिकारी जैसे गरिमामय पदों का निर्वहन किया। वे बड़े ही सरल और स्नेह पूर्ण व्यक्तित्व के धनी थे।

उनके साथ दशकों तक कंधे से कंधा मिलाकर सेवा देने वाले उनके घनिष्ठ मित्रों और सहयोगियों के लिए यह सूचना स्तब्ध करने वाली है, क्योंकि अभी उनकी आयु बहुत अधिक नहीं थी और वे सामाजिक रूप से काफी सक्रिय थे।

​बताया जा रहा कि देहरादून मे अपने घर पर निधन से कुछ ही समय पहले तक वे पूरी तरह स्वस्थ थे और परिवार के साथ बड़े उत्साह से क्रिकेट मैच देख रहे थे। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था; देर रात अचानक आए भीषण हृदयाघात (हार्ट अटैक) के कारण वे अनंत यात्रा पर निकल गए।

बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती ने दुख प्रकट करते हुए कहा कि स्वर्गीय सत्य प्रसाद चमोला मृदुभाषी और सरल स्वभाव के धनी थे वे शास्त्रों के प्रकांड विद्वान भी थे। सेवानिवृत्ति के बाद भी वे समाज के लिए मार्गदर्शन का केंद्र बने हुए थे। उनके आकस्मिक निधन पर बदरी-केदार मंदिर समिति, तीर्थ पुरोहित समाज और स्थानीय व्यापारियों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे एक अपूरणीय व्यक्तिगत और सामाजिक क्षति बताया है।

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