राधा-कृष्ण के रूप में सजे नन्हे सितारे, आर्मी पब्लिक स्कूल लैंसडौन में मनाई जन्माष्टमी

लैंसडौन : आर्मी पब्लिक स्कूल लैंसडौन में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय में विभिन्न सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, उनके आदर्शों तथा भारतीय संस्कृति और परंपराओं से परिचित कराना रहा।

कृष्ण-राधा के रूप में सजे नन्हे विद्यार्थी

कार्यक्रम के दौरान कक्षा एक से पाँच तक के विद्यार्थियों ने भगवान श्रीकृष्ण और राधा के मनमोहक रूप में सजकर सभी का ध्यान आकर्षित किया। नन्हे विद्यार्थियों की आकर्षक वेशभूषा और मनमोहक प्रस्तुतियों से विद्यालय परिसर में भक्तिमय एवं उत्सवपूर्ण वातावरण देखने को मिला।

विद्यार्थियों ने पारंपरिक वेशभूषा के माध्यम से श्रीकृष्ण और राधा के स्वरूप को जीवंत किया। उनकी मासूमियत और उत्साह ने कार्यक्रम को और भी खास बना दिया।

बाँसुरी और मटकी सजावट में दिखी रचनात्मकता

वहीं कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों के लिए अंतर-सदनीय बाँसुरी एवं मटकी सजावट प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाशीलता, कलात्मक कौशल और रचनात्मकता का प्रदर्शन किया।

विद्यार्थियों ने आकर्षक रंगों, डिजाइनों और सजावटी सामग्री का प्रयोग कर सुंदर बाँसुरियों एवं मटकियों को सजाया। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मक प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिला।

 


 

विद्यार्थियों को श्रीकृष्ण के आदर्शों को अपनाने का संदेश

इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री विजेंद्र दत्त सुंद्रियाल ने सभी विद्यार्थियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन सत्य, कर्तव्य, धैर्य और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से विद्यार्थियों को भारत की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है। विद्यार्थियों को भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का प्रयास करना चाहिए।

विद्यालय में आयोजित जन्माष्टमी समारोह ने संस्कृति, रचनात्मकता और विद्यार्थियों के उत्साह का सुंदर संगम प्रस्तुत किया। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को मनोरंजन के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और मूल्यों को समझने का अवसर भी प्रदान किया।

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