जंतर-मंतर हमले को लेकर नया विवाद, वायरल वीडियो में स्वतंत्र भारद्वाज ने किया बड़ा दावा

नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर हाल में हुए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्र कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार पर कथित हमले का मामला एक वायरल वीडियो के सामने आने के बाद फिर चर्चा में आ गया है। हमले के आरोपी बताए जा रहे स्वयंभू इंटरनेट इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें वह कथित तौर पर दावा करता दिखाई दे रहा है कि दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा के फोन के कारण वह जेल जाने से बच गया।

वीडियो सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने इस मामले को लेकर दिल्ली सरकार और पुलिस पर गंभीर सवाल उठाए हैं। वहीं, दिल्ली पुलिस ने राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई की जा रही है।

वायरल वीडियो में किया गया दावा

सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में स्वतंत्र भारद्वाज कथित रूप से जंतर-मंतर की घटना का जिक्र करते हुए दावा करता दिखाई देता है कि एक फोन कॉल के कारण उसे जेल नहीं जाना पड़ा। वीडियो में उसने कथित तौर पर कपिल मिश्रा का नाम भी लिया है।

वीडियो की सत्यता और उसमें किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी जांच का विषय है। हालांकि, इसके सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है।

विपक्ष ने उठाए सवाल

मामले को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी, आम आदमी पार्टी समेत कई विपक्षी नेताओं ने केंद्र और दिल्ली सरकार पर निशाना साधा है। विपक्ष का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस ने सख्ती दिखाई, जबकि हमले के आरोपी को राजनीतिक संरक्षण मिलने की बात सामने आ रही है।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर निशु आजाद को संबोधित करते हुए उनके साथ खड़े होने की बात कही और मामले में न्याय की मांग की। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि एक ओर प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की गई, वहीं दूसरी ओर हमले के आरोपियों को संरक्षण दिया जा रहा है।

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत अन्य विपक्षी नेताओं ने भी वायरल वीडियो को लेकर सरकार पर हमला बोला और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

दिल्ली पुलिस ने आरोपों को बताया बेबुनियाद

दिल्ली पुलिस के अनुसार, घटना के बाद पीड़ित के बयान के आधार पर पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने बताया कि स्वतंत्र भारद्वाज और उसके एक साथी को हिरासत में लेकर कानूनी प्रक्रिया के तहत पूछताछ की गई है।

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद सक्षम अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया जाएगा। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच में किसी तरह का राजनीतिक हस्तक्षेप या बाहरी दबाव नहीं रहा।

पुलिस ने वायरल वीडियो में किए गए दावों के संबंध में भी जांच शुरू करने की बात कही है।

चोट को लेकर भी सामने आया पुलिस का पक्ष

पुलिस ने पीड़ित को लगी चोटों को लेकर कहा है कि चोट मामूली थी। वहीं, घटना को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। ऐसे में पुलिस जांच और मेडिकल दस्तावेजों के आधार पर ही चोट की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

वायरल वीडियो के बाद बढ़ा राजनीतिक दबाव

जंतर-मंतर की घटना पहले से ही राजनीतिक विवाद का विषय बनी हुई थी। अब आरोपी के वायरल वीडियो में कथित रूप से एक मंत्री का नाम लिए जाने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। विपक्ष पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और राजनीतिक हस्तक्षेप की आशंका की जांच की मांग कर रहा है।

दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि मामले में कानूनी प्रक्रिया जारी है और किसी भी स्तर पर राजनीतिक दबाव में कार्रवाई नहीं की गई है। अब वायरल वीडियो में किए गए दावों की जांच और पुलिस की आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर है।

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