देहरादून : उत्तराखण्ड क्रांति दल (यूकेडी) ने संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए केंद्रीय उपाध्यक्ष आशुतोष नेगी को उनके पद और सभी संगठनात्मक दायित्वों से तत्काल प्रभाव से मुक्त कर दिया है। यह निर्णय पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर लिया गया है।
पार्टी के केंद्रीय महामंत्री एवं केंद्रीय कार्यालय प्रभारी देव चंद उत्तराखंडी द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि संगठनात्मक निर्णय के तहत आशुतोष नेगी को केंद्रीय उपाध्यक्ष के पद के साथ-साथ अन्य सभी जिम्मेदारियों से भी पदमुक्त किया जा रहा है।
आशुतोष नेगी करीब दो वर्ष पहले उत्तराखण्ड क्रांति दल से जुड़े थे। इस दौरान उन्होंने विभिन्न जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया और संगठन को सक्रिय बनाने के लिए लगातार काम किया। पार्टी ने अपने आदेश में उनके योगदान की सराहना करते हुए कहा है कि संगठन उनके अब तक के कार्यों का सम्मान करता है। साथ ही यह भी संकेत दिया गया है कि भविष्य में आवश्यकता के अनुसार उन्हें नई जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
इसी क्रम में यूकेडी ने पूर्व सैन्य अधिकारी रिटायर्ड कैप्टन राकेश ध्यानी के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। पार्टी ने उन्हें प्राथमिक सदस्यता से छह वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया है।
पार्टी का कहना है कि 19 जून को पदमुक्त किए जाने के बाद राकेश ध्यानी का आचरण संगठन की मर्यादा और अनुशासन के अनुरूप नहीं रहा। उपलब्ध तथ्यों और संगठन के हितों को ध्यान में रखते हुए शीर्ष नेतृत्व ने उन्हें तत्काल प्रभाव से छह वर्षों के लिए पार्टी से निष्कासित करने का निर्णय लिया।
आदेश के अनुसार, निष्कासन की अवधि के दौरान राकेश ध्यानी पार्टी के किसी भी पद, दायित्व या संगठनात्मक गतिविधि में भाग लेने के पात्र नहीं होंगे।
यूकेडी के इन फैसलों को संगठनात्मक अनुशासन को मजबूत करने और आगामी राजनीतिक गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

